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नेपोलियन जैसे सेनानायक की ज़िन्दगी के प्रोत्साहित करने वाले अनेक किस्सों में से एक आज हम आपके साथ साझा करने जा रहे हैं लेकिन उससे पहले थोड़ी बातें…

क्या आप जानते हैं आधे से ज्यादा लोग सफल क्यों नहीं हो पाते? क्यों कभी-कभी आधी लड़ाई में ही हार मान जाते हैं? क्या आपको पता है मुसीबतें हमारी ज़िंदगी की एक सच्चाई हैं। कोई इस बात को समझ लेता है तो कोई पूरी ज़िंदगी इसका रोना रोता है। ज़िंदगी के हर मोड़ पर हमारा सामना अलग-अलग तरह की मुसीबतों से होता है। अगर आप सोचें कि आपके पास तकलीफें ना हों, समस्याएँ ना हों, तो इसके बिना ज़िंदगी की कल्पना करना एक बेवकूफी से ज्यादा और कुछ भी नहीं…

हमारे साथ होता कुछ यूं है कि अक्सर हमारे सामने जब मुसीबतें आती हैं, तो हम उन्हें सामने देखकर घबरा जाते हैं। उस समय हमें कुछ समझ नहीं आता कि क्या सही है और क्या गलत। हर व्यक्ति का स्थितियों को देखने का नज़रिया अलग-अलग होता है। कई बार हमारी ज़िंदगी में मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ता है। उस कठिन समय में कुछ लोग टूट जाते हैं तो कुछ संभल जाते हैं।

वैसे देखा जाए तो मानव मस्तिष्क भी यही कहती है कि इंसान किसी भी PROBLEM को दो तरीको से देखता है –

  1. पहला Problem पर Focus करके
  2. दूसरा Solution पर Focus करके

समस्या नहीं समाधान का रखो ध्यान

Problem पर Focus करने वाले लोग अक्सर मुसीबतों के ढेर में फंस कर खुद ढेर हो जाते हैं। इस तरीके के इंसान किसी भी मुसीबत में उसके हल के बजाये उस मुसीबत के बारे में ज्यादा सोचते हैं। वहीं दूसरी ओर Solution पर Focus करने वाले लोग मुसीबतों से ज्यादा उसके हल के बारे में सोचते हैं। इस तरह के लोग मुसीबतों का डट के सामना करते हैं। दोस्तों, अब यह तो आपको तय करना है कि आप दोनों में से किस तरह के बनना चाहते हैं।

आपकी ये मुश्किल आसान करने के लिए चलिए मैं आपको आज एक ऐसे महान व्यक्ति की कहानी सुनते हैं। जो पूरी तरह Solution पर Focus करता था।
यह कहानी आपको किसी भी मुसीबत से लड़ने के लिए प्रोत्साहित करेगी।

नेपोलियन की कहानी

आपने नेपोलियन बोनापार्ट का नाम तो सुना ही होगा। जी हाँ वही नेपोलियन बोनापार्ट जो फ़्रांस के एक महान निडर और साहसी शासक थे जिनके शब्दकोष में असंभव जैसा शब्द था ही नहीं। इतिहास उन्हें सबसे बहादुर सेनानायकों में से एक गिनता है। उनके सामने कोई भी टिक नहीं पाता था।

नेपोलियन अक्सर जोखिम भरे काम किया करते थे। एक बार उन्होने आलपास पर्वत को पार करने का ऐलान किया और अपनी सेना के साथ चल पड़े। सामने एक विशाल और गगन चूमता हुआ पहाड़ खड़ा था, जिसपर चढ़ाई करना असंभव-सा था। उनकी सेना में अचानक हलचल की स्थिति पैदा हो गई। फिर भी उन्होंने अपनी सेना को चढ़ाई का आदेश दिया। पास में ही एक बुजुर्ग औरत खड़ी थी। उसने जैसे ही यह सुना वो उसके पास आकर बोले कि क्यों मरना चाहते हो।

अगर अपनी ज़िंदगी से प्यार है तो वापिस चले जाओ। उस औरत की यह बात सुनकर नेपोलियन नाराज़ होने की बजाये प्रेरित हो गया। उसने झट से हीरो का हार उतारकर उस बुजुर्ग महिला को पहना दिया। उसने उस महिला से कहा आपने मेरा उत्साह दोगुना कर दिया और मुझे प्रेरित किया है। अगर मैं जिंदा बचा तो आप मेरी जय-जयकार करना। उस औरत ने नेपोलियन की बात सुनकर कहा – तुम पहले इंसान हो जो मेरी बात सुनकर हताश और निराश नहीं हुए।

हमेशा याद रखिये कि ‘जो करने या मरने और डट कर मुसीबतों का सामना करने का इरादा रखते है, वह लोग कभी नहीं हारते। वहीं जो डर कर हार जाते हैं, वो कभी बुलंदी का आसमान नहीं छू पाते।

हमारी इस जिंदगी में मुसीबते चाय के कप में जमी मलाई की तरह हैं। कामयाब वो लोग हैं, जिन्हें फूँक मार के मलाई को साइड कर चाय पीना भी आता है। वही लोग हर मुसीबत का सामना मजे से करते हैं।

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